_____ सत्य मेरा चिर हो, न हो | मधु सा रस हो, जीवन के लिए || शिव अपने सा संकल्प मुझे दो | लक्ष्य सधे, कर्म हो अर्पण के लिए _____ _________________________________________________Ambika Sharma__________________________________________________

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Sunday, 25 September 2016

विश्वास - KAUN JEETA AUR KYU ( कौन जीता और क्यों )

विश्वास करना और विश्वास जीतना

मित्रो आर्यन : एक अलौकिक योद्धा की कहानी में, कहानी के दोनों महानायक श्री राम और रावण की कई विशेषताओ को मैंने उजागर करने का प्रयास किया जिनके कारण कहानी के दोनों महानायक शून्य से शिखर तक पहुचे। आज एक छोटी सी घटना, जो विश्वास करना और दूसरे का विश्वास जीतने का तरीका बताती है, को आपसे साझा करने जा रहा हूँ। घटना छोटी सी है-

KAUN JEETA AUR KYU BY AMBIKA SHARMA

सब जानते भी है, हुआ यूं कि जब विभीषण रावण को छोड़ कर श्री राम के साथ आ गये राम ने उन्हें एक मित्र के रूप में स्वीकार कर लिया| दोस्ती के उपलक्ष्य में विभीषण को लंका का भावी राजा भी घोषित कर दिया, फिर श्री राम ने विभीषण से समुद्र पार करने का तरीका पूछा। विभीषण ने खुद समुद्र से ही प्रार्थना कर मार्ग पूछने की सलाह दी, श्री राम ने सलाह मान ली जबकि  लक्ष्मण को यह सलाह अच्छी नही लगी| उन्होंने श्री राम से कहा यह तो आलसियों की तरह देव को पूजने का तरीका है, श्री राम ने उत्तर दिया - होगा वही जो तुम चाहते हो, और श्री राम समुद्र देव की प्रार्थना करने चल दिये।

अर्थात खुद श्री राम भी जानते थे कि विभिषण की सलाह उचित नही है| फिर भी विभीषण की सलाह मानी जिसे श्री राम से मिले तीस मिनट भी नही हुये थे। यदि उस समय श्री राम लक्ष्मण की सलाह को मानते विभीषण की सलाह को नही मानते तो? शायद अगली बार विभीषण कोई भी सलाह देने में संकोच करते या फिर सलाह ही न देते, जबकि श्री राम को विभीषण से बहुत सी सलाहें और जानकारियां लेनी थी| बिना विभीषण की सलाहों के लंका जीतना ही कठिन हो जाता। यहाँ यह जानते हुये कि विभीषण की सलाह गलत है, श्री राम ने उस पर अमल किया और असफल होने पर कोई भी शिकायत विभीषण से नही की, लेकिन श्री राम ने अपना विश्वास विभीषण पर जता कर विभीषण का विश्वास हमेशा के लिये जीत लिया।

यह है दो दोस्तों के बीच विश्वास करने और विश्वास जीतने के मंत्र की कहानी भले ही वो दो दोस्त हो या दो अच्छे दोस्त के रूप में पति और पत्नि।

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AMBIKA SHARMA
AUTHOR, MOTIVATOR, TRAINER, BLOGGER
is famous for his unpublished Novel "AARYAN - EK ALOKIK YOUDHA(आर्यन - एक अलौकिक योद्धा)". Mostly authors known for his English Novels but he is standing in the same lobby for his Hindi novels. Currently his Novel "KAUN JEETA AUR KYU (कौन जीता और क्यों)" is available on all e-commerce websites and leading Bookstores. it is another step of success and he enjoying its bestselling. his another Book is also ready to publish name "PARO KE DIYE (पारो के दीये)" and will be available in 2017.

najar.ambika@gmail.com

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